Haryana news: 1.36 लाख बीपीएल धारकों पर गिरी गाज, जानिए क्यों ?

On: January 8, 2025 7:38 AM
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Haryana news:  हरियाणा में तीसरी बार BJP  की सरकार बनने पर प्रदेश में गरीबी रेखा (बीपीएल) की श्रेणी के परिवारों की बाढ आ गई है। बीपीएल परिवारों की संख्या को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा व इस पर सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच खूब हंगामा भी हुआ। इतना ही जांच के डर से अब 1.36 लाख लोग इस श्रेणी से बाहर हो गए हैं।

 

बता दे हरियाणा की अनुमानित आबादी 2.8 करोड़ है। अक्तूबर 2024 तक 51.09 लाख बीपीएल कार्ड धारक यानि 2.04 करोड़ लोग बीपीएल श्रेणी मे आए गए थे। इस हिसाब से राज्य की करीब 70 फीसदी आबादी बीपीएल श्रेणी में आती थी। जब इसका विरोध किया तो जांच की बात हुई इसके बाद एक फिर कुछ केस कम हो गए है।

जानिए कैसे बढे आकडें: हरियाणा में जुलाई से अक्तूबर 2024 के बीच चार महीने में बीपीएल कार्ड धारकों की संख्या में 4.84 लाख की बढोतरी हुई। जुलाई में 46.25 लाख और अक्तूबर में 51.09 लाख बीपीएल कार्ड धारक थे।

बीपीएल कार्ड के आंकडे लाख में

जनवरी 2022 : 27.00
जनवरी 2023 : 31.59
जून 2023 : 34.70
फरवरी 2024 : 45.00
जुलाई 2024 : 46.25
अक्तूबर 2024 : 51.09

 

बीपीएल कार्ड धारकों को मिलने वाले फायदे

हरियाणा में बीपीएल कार्ड धारकों को कईं प्रकार की सुविधाएं मिलती है। इसी के चलते लोग इस कार्ड बनवाने के लिए अपनी आय कम दिखा रहे हैं

बता दे  BPL card  कार्ड को प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज (गेहूं/बाजरा) निशुल्क मिलता है। इसके साथ ही हर परिवार को प्रति माह 40 रुपए प्रति लीटर की दर से दो लीटर सरसों का तेल और 13.5 रुपए की दर से एक किलो चीनी मिलती है।

 

अब मिलेगा प्लाट: सरकार की ओर से प्रत्येक परिवार को ग्रामीण क्षेत्र में 100 गज का प्लॉट देने की घोषणा भी की गई है। उज्ज्वला योजना के तहत 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर मिलता है। चिरायु-आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये का निशुल्क इलाज मिलता है।

सीएम ने ये दिया जबाब: मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी ने जवाब दिया था कि सरकार ने बीपीएल कार्ड बनाने में आय की सीमा बढ़ा दी। 1.20 लाख रुपए की वार्षिक आय की सीमा को बढ़ाकर 1.80 लाख रुपए किया गया है। इसी आय बढने से काफी लोग इस दायरे मे आ गए है।

 

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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