रेवाड़ी: सुनील चौहान। इस बार दीपावली जिलावासियो के लिए बडा दुखदायी रहा। दीपों की जगह जिले में खून की होली खेली गई। सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था के पुलिस के तमाम दावे उस समय खोखले नजर आए जब एक के बाद एक हत्या वारदात होती चली गई। छोटी दीवाली की रात मामूली कहासुनी के बाद एक युवक की बीच बाजार दौड़ा दौड़ाकर चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई वहीं दीवाली के दिन कोसली में कार में बैठे हुए दो युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके अतिरिक्त गांव हांसावास में पूर्व सैनिक ने अपने ही छोटे भाई की पत्नी और उसके बेटे के सीने में गोलियां उतार दी। आरोपित ने दूसरे भतीजे को भी गोली मारी, लेकिन उसकी जान बच गई।
केस एक: पूर्व सैनिक की सनक से उजड़ गया परिवार:
गांव हांसावास में जब ग्रामीण दीवाली पूजा की तैयारी कर रहे थे, उसी समय गांव निवासी पूर्व सैनिक विक्रम अपने ही घर में खून की होली खेल रहा था। विक्रम असम राइफल्स से सेवानिवृत्त है। उसके छोटे भाई विजय की वर्ष 2016 में ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। विजय की विधवा संतोष और विक्रम का परिवार एक ही घर में रहते थे, जबकि सबसे छोटा भाई अजय बगल वाले मकान में रहते हैं। बृहस्पतिवार की शाम को संतोष अपने बेटे शिवम और आकाश के साथ दीप जलाने की तैयारी कर रही थीं। वहीं पर अजय का बेटा अनुज भी खेल रहा था। अजय के अुनसार विक्रम नशे की हालत में घर पहुंचा और अपनी बेटी निकिता से अंदर रखी लाइसेंसी रिवाल्वर मंगा ली। रिवाल्वर हाथ में आते ही विक्रम ने शिवम और संतोष को गोलियां मार दीं। वहां मौजूद संतोष का दूसरा बेटा आकाश दौड़ कर रसोई में छिप गया, लेकिन विक्रम ने भागने का प्रयास कर रहे अनुज पर गोली चला दी, जो उसकी कमर में जा गिरी। गोलियां चलने की आवाज सुन कर अजय, उनकी पत्नी रेनू और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। विक्रम ने मोटरसाइकिल लेकर भागने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने उसे वहीं दबोच लिया। सूचना के बाद रोहडाई थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। घायल अनुज को यहां के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे गुरुग्राम के लिए रेफर कर दिया गया। आकाश रसोई में नहीं छिपता तो उसकी हत्या हो सकती थी। संतोष की एक बेटी भी है, जिसकी शादी हो चुकी है। अजय के अनुसार आरोपित विक्रम अपने भाई की पत्नी संतोष पर बुरी नजर रखता था। ग्रामीणों के अनुसार विक्रम पर पहले भी आपराधिक मामला दर्ज हुआ था। हेलीमंडी में किसी व्यक्ति पर गोली चलाई थी। पुलिस ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद शव स्वजन को सौंप दिया और आरोपित विक्रम के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
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केस दो: रंजिश बनी हत्या का कारण:
कोसली के बस स्टैंड का पास बृहस्पतिवार की दोपहर दो युवक की हत्या के पीछे पुलिस की जांच में रंजिश सामने आई है। भाकली निवासी ईशु उर्फ यशदेव और आकाश उर्फ बादशाह पर 25 अगस्त को भी हमला हुआ था। उस समय गोली यशदेव की हथेली को छू कर निकल गई थी। कोसली पुलिस ने यशदेव की शिकायत पर गांव भाकली निवासी हिमांशु, आंबोली निवासी दीपक, रेलवे स्टेशन क्षेत्र निवासी गोलू उर्फ सचिन, साल्हावास निवासी विक्की उर्फ डाकू, गांव धनिया निवासी प्रवेश सहित सात-आठ युवकों के खिलाफ हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। हिमांशु सहित चार आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, जबकि अन्य फरार चल रहे थे। हिमांशु और यशदेव के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही थी। दोनों पक्षों के बीच पहले भी मारपीट हो चुकी थी। सुषमा देवी की शिकायत पर कोसली थाना पुलिस ने गांव भाकली निवासी फौजी जोखी, विरेंद्र उर्फ कर्नल, गांव धनिया निवासी प्रवेश, झज्जर जिला के गांव अंबोली निवासी दीपक, गांव साल्हावास निवासी डाकू, रेलवे स्टेशन क्षेत्र निवासी गोलू उर्फ सचिन व प्रवीण और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद दोनों शव स्वजन को सौंप दिए। पुलिस ने देर शाम दो लोगों को हिरासत में भी लिया है।
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केस तीन: गाली-गलौज से खफा दोस्तों ने की हत्या
शहर के बल्लूवाड़ा निवासी युवक अमित की हत्या करने वाले कोई और नहीं, बल्कि उसके दोस्त ही निकले। पुलिस ने एक आरोपित शहर की नई बस्ती निवासी यश उर्फ नन्नू को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में शामिल दो और आरोपितों की पुलिस ने पहचान कर ली है। अमित शहर में टेंपो चलाता था और बारा हजारी में एक चाट की दुकान पर काम करता था। पुलिस के अनुसार अमित का करीब 15 पहले अपने ही दोस्त शिवम के साथ विवाद हो गया था। दोनों के बीच गाली-गलौज भी हुआ था। बुधवार की रात को अमित बाजार गया तो शिवम, यश उर्फ नन्नू और मोनू ने उसे देख लिया। तीनों ने उसका रास्ता रोक लिया। रास्ता रोकने पर अमित का उनके साथ फिर से विवाद हो गया। तीनों आरोपितों ने अपने और साथियों को मौके पर बुला कर अमित के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। हमलावरों से बचने के लिए अमित दौड़कर घंटेश्वर मंदिर के निकट पहुंच गया। हमलावरों के सिर पर खून सवार था। उन्होंने घंटेश्वर मंदिर के निकट अमित को पकड़ लिया तथा जमकर पिटाई की। हमलावरों से खुद को छुड़ाकर अमित मंदिर के बगल वाली गली में छिप गया, लेकिन बदमाश वहां पर भी पहुंच गए। बदमाशों ने अमित की छाती में चाकू से वार कर दिया और फरार हो गए। बाजार में से ही गुजर रहे कुछ लोगों ने उसे ट्रामा सेंटर पहुंचाया, उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। शहर थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। गोकलगेट चौकी प्रभारी एसआइ शीशराम ने बताया कि आरोपित यश को अदालत से दो दिन की रिमांड पर लिया गया है।















